शामली (Honour Killing): उत्तर प्रदेश के शामली जिले में दिल दहलाने वाली घटना हुई है. कांधला थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत में मोहम्मद फारूख नाम के शख्स ने अपनी पत्नी की महज इसलिए गोली मारकर हत्या कर दी, क्योंकि वह बिना बुर्का डाले मायके चली गई थी. दो बेटियों ने उसे हत्या करते देख लिया तो पकड़े जाने के डर से उन्हें भी मार डाला. पत्नी और फूल जैसी मासूम दो बेटियों की हत्या के बावजूद उसके हाथ नहीं कांपे. रात में ही घर में सैप्टिक टैंक के लिए खोदे गए गड्ढ़े में शवों को दफना दिया. इतना ही नहीं, सुबह उसने सैप्टिक टैंक पर ईंटें बिछाकर सीमेंट भी कर दिया. जब घर वालों को कई दिन तक पत्नी और बच्चे नहीं दिखे तो संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी.
घर के खर्चे के लिए कुछ समय पहले हुआ था विवाद
मोहम्मद फारूक शादी-ब्याह में खाना बनाता था. उसकी अपने माता-पिता से बोलचाल नहीं थी. वह उनसे अलग होकर गांव में ही रहता था. घर में पत्नी ताहिरा के अलावा पांच बच्चे थे. पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने मीडिया को बताया कि कुछ समय पहले घरेलू खर्चों को लेकर फारूक और उसकी पत्नी के बीच काफी बहस हुई थी. ताहिरा ने शिकायत की थी कि फारूक घर खर्चे के लिए पर्याप्त पैसे नहीं देता. इस विवाद के बाद वह बिना बुर्का पहने मुजफ्फरनगर के नरा गांव स्थित अपने मायके चली गई थी.
पत्नी ने पिता के सामने की थी बेइज्जती
फारूक ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने पत्नी ताहिरा को कड़े पर्दे में रखा था. उसे बिना बुर्का पहने घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी. लेकिन, वह बिना बुर्का पहने घर से चली गई थी. जब वह पत्नी को लेने उसके मायके पहुंचा तो पत्नी ने अपने पिता और मायके पक्ष के अन्य लोगों के सामने उसकी बेइज्जती कर दी. इस बात से वह बेहद खफा हो गया था. तभी उसने पत्नी की हत्या की योजना बना ली थी.
तीन तमंचे और 20 कारतूस खरीदे
पत्नी से फारूक इस कदर नाराज था कि उसने हत्या करने के लिए तीन तमंचे खरीदे. उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि तीन तमंचे इसलिए खरीदे थे, ताकि हत्या करते वक्त अगर एक तमंचा न चलता तो दूसरे से फायरिंग करता. दूसरा नहीं चलता तो तीसरे से फायरिंग करता. इसलिए उसने तीन तमंचे और 20 कारतूस खरीदे थे. उसने 9 दिसंबर की रात 12 से 2 बजे के बीच पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी. गोली की आवाज से 14 साल की आफरीन की आंख खुल गई. फारूक ने उसे भी गोली मार दी. शोर-शराबा सुन 8 साल की बेटी सहरीन भी जग गई. उसका रस्सी से गला घोंट दिया. तीनों शव घर के आंगन में खोदकर रखे गए सैप्टिक टैंक में डालकर मिट्टी भर दी. अगले दिन सुबह उसने सैप्टिक टैंक पर ईंटें बिछाकर सीमेंट कर दिया था.
पिता को हुआ शक तो पुलिस को शिकायत की
फारूक अपने माता-पिता से बातचीत नहीं करता था. लेकिन, जब 6 दिन तक ताहिरा और उसकी दो बेटियां लापता रहीं, तो फारूक के पिता दाऊद को शक हुआ. उन्होंने फारूक से बहू और बेटियों के बारे में पूछा. फारूक ने गुमराह करते हुए कहा कि पत्नी और बच्चों को शामली कोतवाली क्षेत्र के गांव लिलौन में किराए के मकान में रखा है. परिवार के लोग उसे लेकर लिलौन पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला. फारूक की बातों पर संदेह गहराने पर पिता दाऊद ने पुलिस को सूचना दी. उन्होंने संदेह जताया कि फारूक ने पत्नी और बच्चियों की हत्या कर दी है.
पुलिस की सख्ती के आगे टूटा फारूक
थाना प्रभारी सतीश कुमार ने अधिकारियों को जानकारी देकर फारूक को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पुलिस की सख्ती के आगे फारूख टूट गया. उसने कबूल लिया कि पत्नी और दोनों बेटियों की हत्या कर घर के आंगन में बने सैप्टिक टैंक में शव दफना रखे हैं. पुलिस ने खुदाई करवाकर तीनों शव बरामद कर लिए. आरोपी के कब्जे से पुलिस को तीन तमंचे, 10 कारतूस और सात खोखे भी मिले हैं. पुलिस के अनुसार, इस जघन्य अपराध में आरोपी ने बेहद क्रूरता दिखाई. नाबालिग बेटियों में से एक के शव की एक आंख निकली हुई थी. घटनास्थल से खून से सना एक लकड़ी का डंडा भी मिला है. पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने उसी से बच्चियों को पीटा. आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.