गुरुग्राम में ‘ऑनर किलिंग… प्रेमी से शादी की जिद पर भाई ने दोस्त के साथ मिलकर की बहन की हत्या

गुरुग्राम : अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने का हक एक 19 साल की युवती के लिए कथित तौर पर जान पर भारी पड़ गया। गुरुग्राम पुलिस ने एक 28 वर्षीय युवक और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कथित तौर पर युवक की सगी बहन का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को सुनसान जगह फेंक दिया। यह मामला एक बार फिर समाज में ऑनर किलिंग जैसी कुप्रथाओं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

युवती को घर भेजा था, वहां से बिना बताए लौटकर आई

मृतक की पहचान 19 वर्षीय सुशीला के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली थी। पुलिस के मुताबिक, सुशीला का भाई रविंद्र (28), जो पेशे से कुक है, अपनी बहन के एक प्रेमी से शादी करने के फैसले के सख्त खिलाफ था।
जब रविंद्र को सुशीला की शादी की योजना के बारे में पता चला, तो वह उसे जबरन अपने पैतृक गांव ले गया। हालांकि, सुशीला 1 दिसंबर को बिना किसी को बताए वापस शहर लौट आई। 9 दिसंबर को जब रविंद्र उससे मिला, तो उसने वापस गांव जाने से साफ इनकार कर दिया। इसी जिद के बाद रविंद्र ने अपने सहयोगी पुष्पेंद्र (पंचर की दुकान पर काम करने वाला हेल्पर) के साथ मिलकर सुशीला को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

जांच में पता चला, धोखे में रखकर खंडहर में ले गए

साजिश के तहत, पुष्पेंद्र ने सुशीला का विश्वास जीता और वादा किया कि वह उसकी शादी उसके प्रेमी से कराने में मदद करेगा। 10 दिसंबर को पुष्पेंद्र सुशीला को मोटरसाइकिल पर बैठाकर रामपुरा चौक से पचगांव रोड स्थित एक खंडहर नुमा मकान में ले गया। वहां पुष्पेंद्र ने सुशीला की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने रविंद्र को बुलाया और दोनों ने मिलकर शव को उसी खंडहर में ठिकाने लगा दिया। 13 दिसंबर को एक राहगीर ने पुलिस को सूचना दी कि खंडहर में एक युवती का शव पड़ा है। जांच में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है।

कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी

मानेसर क्राइम ब्रांच के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर मनोज कुमार और मानेसर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतेंद्र के नेतृत्व में एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। शुक्रवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को रामपुरा चौक से धर दबोचा। पुलिस ने बताया कि युवती के गले पर चोट के निशान थे, जिससे साफ था कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि वारदात में इस्तेमाल सबूत बरामद किए जा सकें।

नोट: यह समाचार पुलिस जांच और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। किसी भी आरोपित को दोषी ठहराने के लिए न्यायिक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।

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