पति के खिलाफ साजिश: प्रेमी संग मिल पत्नी ने की हत्या, ईंट से रौंदा चेहरा

Crime Story: ‘तुमने तो आजतक कभी मेरा कहना माना ही नहीं है. पर बेटियों का तो ख्याल करो. उन पर तुम्हारी आदतों का गलत असर पड़ सकता है. उनके बारे में भी तो कुछ सोचो.’ राम सजीवन ने अपनी पत्नी फूलमती को समझाते हुए कहा.
‘मैं अच्छी तरह जानती हूं कि अपनी बेटियों को कैसे रखना है. मैं कोई नासमझ थोड़े ही ना हूं. अच्छे-बुरे की पूरी समझ है मुझे. लेकिन, तुम्हारा क्या? तुम्हें तो सिर्फ और सिर्फ दूसरे लोगों की बातें सुनकर हमारे ऊपर लांछन लगाने में ही आनंद आता है ना!’ पत्नी फूलमती ने एक तरह से चिल्लाते हुए पति को जबाव दिया.
‘अरे! मैं भला दूसरे लोगों की बातों में क्यों आऊंगा? तुम जो करती हो, क्या मेरी आंखों को दिखाई नहीं देता? पूरे मोहल्ले में किसी से भी पूछ लो, तुम्हारी करतूतें छिपी थोड़े ना हैं किसी से.’ झल्लाते हुए राम सजीवन घर से बाहर निकलने लगा.
‘तुम ना शक्की हो गए हो आजकल. कोई थोड़ा हमारे पास खड़ा क्या हो गया. कोई थोड़ा बहुत हमारे काम क्या आ गया. हमारे सुख-दुख में दो हमदर्दी के बोल क्या बोल दे, तुम तो सिर्फ केवल यही सोचते हो कि मैं उसके साथ जाकर सोने वाली हूं.’ फूलमती ने शरारती अंदाज में आंखें तरेरते हुए कहा.
‘इसे शक नहीं कहते. ये हकीकत है. और रही तुम्हारी बात, मुझे तुम्हारी चिंता भी नहीं है. तुमने करनी तो अपनी मनमानी ही है ना. मैं तो बस इन बच्चियों को लेकर चिंतित हूं. एक बार वे हाथ पीले कर अपने घर चली जाएं. उसके बाद तो मैं कभी तुम्हारा मुंह भी नहीं देखूंगा.’ कहते-कहते राम सजीवन की आंखें दुख और गुस्से से लाल हो गईं.
पत्नी की आदतें गलत थीं. इनकी वजह से राम सजीवन परेशान रहता था. दोनों की संतानों में एक बेटा और 3 बेटियां थीं. वह अपनी बेटियों को अच्छी सीख देने की कोशिश करता रहता था. धीरे-धीरे लगने लगा कि पत्नी पर समझाने-बुझाने का कोई भी असर नहीं पड़ रहा. ऐसे में, उसने खुद को ही एक तरह से परिवार से दूर करना शुरू कर दिया. अकेला रहने लगा. दूसरी तरफ, 38 साल की बीवी फूलमती ने आस पड़ोस के 20-22 साल के कई लड़कों से दोस्ती कर ली. वह लड़कों को घर बुलाती रहती. यह मोहल्ले वालों से कैसे छिप सकता था. फिर तो, पूरे मोहल्ले में बस फूलमती के ही चर्चे थे.

जब रास्ते हुए अलग, पड़ने लगी साजिश की नींव

राम सजीवन की चिंता जवान होती बेटियां थीं. वह फूलमती को लड़कों से दूर रहने को कहता. लेकिन, सुधरने के बजाय फूलमती उससे लड़ने लगती. अंतत: पति-पत्नी अलग रहने लगे.
राम सजीवन घर से दूर प्लॉट में बने कमरे में रहने लगा. फूलमती लखनऊ के थाना गोसाईंगंज स्थित बखारी गांव के मजरा रानीखेड़ा में बेटे रवि और तीनों बेटियों के साथ रहती रही. पति के जाने से तो फूलमती को जैसे आजादी मिल गई. अब उस पर कोई पाबंदी नहीं थी.
बात 11 मई, 2021 की है. रवि ने पुलिस को सूचना दी कि उसके पिता राम सजीवन की किसी ने हत्या कर दी है. पिता घर से दूर प्लॉट में बने कमरे में रहते थे. पुलिस टीम मौके पर पहुंची. लाश का चेहरा ईंट से कुचला था. पास ही, खून सनी ईंट पड़ी थी. शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया.

पहले पुलिस को उलझाया, फिर सवालों के भंवर में खुद ही उलझी

राम सजीवन की किसी से दुश्मनी नहीं थी. किसी पर उसकी हत्या का सीधा संदेह नहीं जा रहा था. पुलिस हत्या की वजह समझ ही नहीं पा रही थी. हत्या की वजह जानने के लिए पुलिस ने राम सजीवन की पत्नी फूलमती से पूछताछ की. वह बोली, ‘उसकी तो किसी से कोई रंजिश नहीं थी. घर में भी किसी तरह का कोई झगड़ा नहीं था. वह बस किसी बात से नाराज होकर प्लॉट में रहते थे.’
मौके की नजाकत समझते हुए पुलिस फूलमति पर बहुत ज्यादा दबाव डालकर पूछताछ नहीं कर रही थी. लेकिन, उस पर संदेह गहराने लगा था. उसके बयान बदल रहे थे. एक बार कहा, ‘राम सजीवन की संगत खराब थी. कुछ नशेड़ी लोगों से दोस्ती थी. शायद उनमें से किसी ने नशे में मार डाला हो.’

गैर मर्द की घर में आवाजाही पर नाराज था, इसलिए मार डाला

शव की हालत देख पुलिस भी अंदाजा लगा रही थी जैसे किसी ने हत्या के बाद भी गुस्सा निकालने के लिए ईंट से मुंह कुचला हो. गांव के लोगों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि राम सजीवन और उसकी पत्नी के झगड़े की असल वजह क्या थी. पत्नी के कुछ लोगों से संबंध थे. यह सुराग मिलने के बाद फूलमती से फिर पूछताछ शुरू हुई. उसके बार-बार बदलने बयान पुलिस को विश्वास दिलाने लगे कि उसे हत्या की जानकारी जरूर होगी. धीरे-धीरे पुलिस के सवालों के भंवर में वह फंसती गई. पुलिस ने पूछा, ‘तुम यह तो जानती हो कि कत्ल किसने किया है. भले तुम उसमें शामिल न हो. सच बता दोगी तो तुम्हारे खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी. सजा सिर्फ उसे मिलेगी, जिसने हत्या की है.’
पुलिस के भरोसे में फूलमती ने सारे राज उगल दिए. कहा, ‘बखारी गांव के कल्याण ने यह वारदात की है. राम सजीवन उसकी घर में आवाजाही पर नाराज होता था. इसी बात से नाराज होकर उसने राम सजीवन की हत्या की.’
पुलिस ने तुरंत कल्याण को गिरफ्तार कर लिया. खुद को फंसा देख कल्याण ने तोते की तरह पूरी कहानी पुलिस के सामने खोलकर रख दी. कहा, ‘राम सजीवन को मेरी और फूलमती की मुलाकातें अच्छी नहीं लगती थी. वह फूलमती से लड़ता-झगड़ता रहता था. फूलमती पति की रोजरोज की इस चिकचिक से परेशान हो गई थी. उसी के दबाव में राम सजीवन का कत्ल किया है.’ उसने आगे बताया, ‘मैं अकेला यह काम नहीं कर सकता था. इसलिए अपने दोस्त सतीश से बात की. सतीश अपराधी है. फिर 2 और लोगों सूरज और नीरज को भी साथ जोड़ा. 11 मई की रात राम सजीवन के घर में घुसकर हमने उस की हत्या कर दी.’

भड़ास निकालने के लिए ईंट से कुचला शव का मुंह

कल्याण ने बताया, ‘हत्या के बाद शव घर से 100 मीटर दूर सड़क पर लाकर डाल दिया. फूलम​ती को जब इस घटना की जानकारी दी तो उसने अपना गुस्सा निकालने के लिए ईंट से पति की लाश के चेहरे पर कई वार करके मुंह बुरी तरह कुचल दिया.’ इस खुलासे के बाद पुलिस ने सबसे पहले फूलमती और फिर सूरज, सुरियामऊ, सतीश, नीरज को भी गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों के खून सने कपड़े भी बरामद किए.

Leave a Comment