बेंगलुरू : कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के होसादुर्गा में 35 साल के युवक ने अपने पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस हत्याकांड की वजह काफी अजीब है। आरोपित युवक अपने इस बात पर आक्रशित था कि पिता ने खुद तो दो शादियां की थीं, लेकिन उसकी शादी नहीं करा रहे थे।
पुलिस ने आरोपी एस लिंगराजा को पिता टी सन्नानिंगप्पा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी उसके बड़े भाई एस मारुति द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई।
सोते वक्त किया पिता पर हमला
होसादुर्गा शहर में एक निजी कंपनी में काम करने वाले मारुति ने आरोप लगाया कि उसके भाई ने सोते समय पिता के सिर पर हमला किया और कहा, ‘तुम्हारी दो पत्नियां हैं और मेरी एक भी नहीं।’
मारुति ने अपनी शिकायत में बताया कि उसके पिता अक्सर लिंगराजा के आलसी व्यवहार से परेशान रहते थे और उसे खेतों में कड़ी मेहनत करने के लिए टोकते थे। वहीं, लिंगराजा अपने पिता को उसकी शादी न कराने के लिए जिम्मेदार ठहराता था। उसका कहना था कि गांव में उसकी उम्र के कई पुरुषों की शादी हो चुकी है और उनके बच्चे भी हैं।
दिन में झगड़ा, मारने की धमकी दी
बुधवार रात खाने के दौरान लिंगराजा का इसी मुद्दे पर अपने पिता से झगड़ा हुआ और उसने कथित तौर पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। आधी रात के करीब मारुति को एक रिश्तेदार का फोन आया, जिसने बताया कि लिंगराजा ने पिता पर लोहे की रॉड से हमला कर उनके सिर पर चोट पहुंचाई है। पीड़ित को तुरंत होसादुर्गा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
क्राइम कथा नॉलेज | हर 10वीं हत्या पारिवारिक विवाद के कारण
चित्रदुर्ग की घटना ग्रामीण भारत में गहराते मैरिज क्राइसिस और बेरोजगारी से उपजे अवसाद का प्रतिबिंब है। एनसीआरबी (2022) के अनुसार, भारत में हत्या के हर 10 में से लगभग 1 मामला ‘पारिवारिक विवाद’ से जुड़ा होता है। 35 वर्षीय बेटे द्वारा पिता की हत्या, विवाह को पुरुष की सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ने का घातक परिणाम है। कर्नाटक के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 पुरुषों पर महिलाओं का अनुपात (Sex Ratio) कम होना और आर्थिक अस्थिरता, युवाओं में तुलनात्मक अभाव (Relative Deprivation) पैदा कर रही है। यह मामला दर्शाता है कि कैसे सामाजिक अपेक्षाएं और संवादहीनता मिलकर घरों को ‘क्राइम सीन’ में तब्दील कर रही हैं।