Noida : CRPF कांस्टेबल के घर 10 साल की बच्ची से क्रूरता; पसलियां टूटी,​ छाती पर घाव, हीमोग्लोबिन सिर्फ 1.9 बचा

नोएडा: 10 वर्षीय बच्ची को लगातार प्रताड़ना देने के आरोप में सोमवार को एक सीआरपीएफ कांस्टेबल और उसकी पत्नी को पु​लिस ने गिरफ्तार किया गया। गंभीर रूप से घायल बच्ची वेंटिलेटर पर है। बच्ची ग्रेटर नोएडा में कांस्टेबल के आधिकारिक आवास पर घरेलू सहायिका थी। हालांकि, सीआरपीएफ की 235वीं बटालियन में तैनात कांस्टेबल (जीडी) तारिक अनवर ने दावा किया कि वह उसकी पत्नी रिम्पा खातून की भतीजी है।

अधिका​रियों से अनुमति भी नहीं ली थी

पुलिस ने बताया कि दंप​ित बच्ची वरिष्ठ अधिकारियों की औपचारिक अनुमति के बिना सीआरपीएफ परिसर में दंपति के साथ रह रही थी। कथित तौर पर उससे घरेलू काम कराया जा रहा था। सीआरपीएफ कैंप में तैनात एक सूबेदार मेजर द्वारा रविवार को पुलिस को लिखित शिकायत सौंपने के बाद इकोटेक-3 पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया।

पिटाई के बाद डॉक्टरों से कहा- बाथरूम में ​गिरने से लगी चोट

शिकायत में कहा गया है कि दंपति इकोटेक-3 सीआरपीएफ परिसर के अंदर ब्लॉक 60 के क्वार्टर नंबर 13 में रहता था। बच्ची को नियमित रूप से घर के काम सौंपे जाते थे। इसमें उनके बच्चों की देखभाल करना भी शामिल था। उसे अक्सर पीटा जाता था। जांचकर्ताओं ने कहा कि 14 और 15 जनवरी की दरम्यानी रात को दंपति ने बच्ची की बेरहमी से पिटाई की। इससे उसे गंभीर चोटें आईं। उसे सीआरपीएफ अस्पताल ले जाने के बजाय अनवर ने उसे सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने कहा कि उसने डॉक्टरों को बताया कि बच्ची बाथरूम में फिसलकर गिर गई थी। हालांकि, चिकित्सा जांच में यह दावा गलत पाया गया।

मेडिकल जांच में खुली कांस्टेबल के झूठ की पोल

डॉक्टरों को पसलियों के टूटने, सिर और छाती पर गहरे घाव और लंबे समय तक भूखे रहने के लक्षणों सहित कई पुरानी और ताजी चोटें मिलीं। उसका हीमोग्लोबिन 1.9 के गंभीर स्तर पर था। डॉक्टरों ने बताया कि जब बच्ची को लाया गया तो उसकी आंखों के नीचे काले घेरे थे, पैरों में सूजन थी और वह बेहोश थी। लगातार शारीरिक शोषण का संदेह होने पर अस्पताल ने मेडिको-लीगल रिपोर्ट तैयार की और अधिकारियों को सूचित किया।

इंटेसिव केयर यूनिट में चल रहा बच्ची का उपचार

हालत बिगड़ने पर बच्ची को नोएडा के सेक्टर 128 स्थित मैक्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा कि बच्ची 15 जनवरी को गंभीर स्थिति में इमरजेंसी में लाई गई थी। वह वेंटिलेटर पर थी। उसे पॉलीट्रॉमा और शॉक की समस्या थी। दुर्व्यवहार की आशंका पर अस्पताल ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। बच्ची अभी अस्पताल के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में भर्ती है।

सीआरपीएफ ने आरोपी को निलंबित किया, दंपति गिरफ्तार

सीआरपीएफ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेकर पुलिस को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। प्रारंभिक जांच और चिकित्सा साक्ष्यों के बाद पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार कर लिया। सीआरपीएफ ने अनवर को निलंबित कर दिया। पुलिस ने बताया कि बच्ची का मेडिकल पूरा हो चुका है। बाल कल्याण अधिकारियों को सूचित कर दिया है। निष्कर्षों के आधार पर अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सीआरपीएफ का इस मामले में क्या कहना है

सीआरपीएफ के प्रवक्ता ने बताया कि कांस्टेबल (जीडी) तारिक अनवर जनवरी 2024 से 235वीं बटालियन में तैनात है। वह अस्पताल में प्राथमिक उपचारकर्ता का काम करता है। वह परिवार के साथ सीआरपीएफ नोएडा कैंप में रह रहा था। एक छोटी लड़की, जिसे उसकी पत्नी की रिश्तेदार बताया गया था, परिवार के साथ रह रही थी। नोएडा पुलिस से लड़की के सर्वोदय अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलने पर तथ्यों का पता लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टीम भेजी गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। अस्पताल से प्रारंभिक चिकित्सा रिपोर्ट प्राप्त होने पर यूनिट ने 17 जनवरी को थाना इकोटेक में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर तारिक और उसकी पत्नी को 18 जनवरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सीआरपीएफ जांच के लिए पुलिस को हर संभव सहायता देगी और बच्ची के इलाज में पूरी मदद करेगी।

बच्चों से काम करवाना या उनके साथ क्रूरता गंभीर अपराध हैं

  • भारत में बच्चों को काम पर रखने (Child Labour) और उनके साथ क्रूरता के खिलाफ सख्त कानून हैं। इन अपराधों के लिए आ​र्थिक दंड के अलावा जेल भी हो सकती है।​
  • 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घरेलू सहायक (Domestic Help) के रूप में रखना भी बाल श्रम की श्रेणी में आता है और पूरी तरह गैर-कानूनी है।
  • सरकारी कर्मचारियों (जैसे इस मामले में CRPF कांस्टेबल) के लिए ये अपराध और भी गंभीर हो जाते हैं, जिससे उनकी नौकरी जाना और विभागीय कार्यवाही होना तय होता है।

बच्चे का उत्पीड़न होता दिखे तो यहां करें शिकायत

अगर आपको कहीं भी बाल श्रम (Child Labour) या बच्चे के साथ उत्पीड़न होता दिखे तो नीचे दिए गए माध्यमों से उसकी शिकायत कर सकते हैं। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जा सकती है:

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