लखनऊ | बीबीडी थाना क्षेत्र की सलारगंज ग्रीन सिटी कॉलोनी रविवार देर रात उस समय दहशत में डूब गई, जब यहां एक महिला ने अपने लिव-इन पार्टनर सूर्य प्रताप सिंह की चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। देवरिया निवासी सूर्य लखनऊ की एक कंपनी में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर था। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पति की मौत के बाद शुरू हुआ रिश्ता, आगे बढ़ते-बढ़ते पहुंचा लिव-इन तक
जांच में पता चला कि सूर्य प्रताप 12 साल पहले जानकीपुरम में रहने वाली रत्ना देवी की बेटियों को ट्यूशन पढ़ाने आता था। इसी दौरान रत्ना के पति राजेंद्र कुमार की शराबखोरी से मौत हो गई। कुछ समय बाद रत्ना और सूर्य करीब आए और साथ रहने का फैसला कर लिया। पिछले 5 साल से दोनों रत्ना की बेटियों के साथ एक ही घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों से घर में तनाव बढ़ता जा रहा था। जमीन, मकान और बेटियों को लेकर अक्सर झगड़े होते थे।
रत्ना का दावा—सूर्य बड़ी बेटी पर बुरी नजर रखता था
पूछताछ में रत्ना ने आरोप लगाया कि सूर्य उसकी बड़ी बेटी को गलत तरीके से छूता था। रत्ना के मुताबिक रविवार रात बड़ी बेटी के फोन में एक युवक की फोटो देखकर सूर्य भड़क गया और उसे कमरे में घसीटकर बंद कर लिया। बेटी की चीख सुनकर रत्ना और छोटी बेटी पहुंचीं। आरोप है कि सूर्य ने मारपीट भी की। रत्ना के मुताबिक, ‘जब मैंने बेटी को छुड़ाया, मैं गुस्से में चाकू उठा लाई। बेटियों ने उसे पकड़ लिया और मैंने गले पर वार कर दिया।’
पुलिस अभी इस दावे की जांच कर रही है।
सिर्फ गुस्से का मामला नहीं, प्लानिंग की आशंका
प्रारंभिक जांच में पुलिस को संकेत मिले हैं कि हत्या अचानक गुस्से में की गई वारदात नहीं लगती। जानकारी के मुताबिक सूर्य घर में 3 सीसीटीवी कैमरे लगाकर बेटियों की गतिविधियों पर नजर रखता था। बड़ी बेटी की पढ़ाई छुड़वाकर उसे घर में रहने पर मजबूर कर दिया था। इससे घर में तनाव लगातार बढ़ रहा था।
रत्ना का कहना है कि सालारगंज ग्रीन सिटी वाला मकान सूर्य ने खरीदा था, जबकि निर्माण उसके पति की मृत्यु के बाद मिले पैसों से किया गया, इसलिए वह मकान पर अपना हक जताती थी। पेंशन और मिली रकम से खरीदी गई कार को लेकर भी दोनों में विवाद रहता था।
मेरे बेटे के पैसों से ऐश कर रहे थे: मृतक के पिता
सूर्य के पिता नरेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा अच्छी कमाई करता था, जबकि रत्ना कोई काम नहीं करती थी। उनके अनुसार, “रत्ना और उसकी बेटियां मेरे बेटे के पैसे से ऐश कर रही थीं। हम कई बार समझाते थे, लेकिन वो बात टाल देता था।” नरेंद्र सिंह का कहना है कि वे बेटे के रिश्ते देख रहे थे और हत्या वाले दिन भी सूर्य ने उनसे बात की थी और पैसे भेजे थे। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी रत्ना और उसकी दोनों बेटियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।